संघर्ष से सफलता तक : बोरियाकला के सागर निर्मलकर का CISF में चयन

ग्राम बोरियाकला (रायपुर, छत्तीसगढ़) निवासी सागर निर्मलकर ने कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में चयनित होकर अपने परिवार व गांव का नाम रोशन किया है।

संघर्ष से सफलता तक : बोरियाकला के सागर निर्मलकर का CISF में चयन

रायपुर।
ग्राम बोरियाकला (रायपुर, छत्तीसगढ़) निवासी सागर निर्मलकर ने कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में चयनित होकर अपने परिवार व गांव का नाम रोशन किया है। सागर की यह सफलता लगभग 6 वर्षों के कठिन संघर्ष का परिणाम है।
सागर ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने 3 वर्षों तक बैंक में चपरासी के रूप में कार्य किया, इसके बाद 1 वर्ष SBI म्यूचुअल फंड में ऑफिस असिस्टेंट के पद पर कार्यरत रहे। नौकरी के साथ पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण था, बावजूद इसके सागर ने निरंतर अभ्यास और मेहनत जारी रखी।
इस दौरान उन्हें समाज से कई तरह की नकारात्मक बातें और ताने भी सुनने पड़े, लेकिन सागर ने हर आलोचना को अपनी ताकत बनाते हुए आगे बढ़ते रहे।
सागर एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता श्री बलराम निर्मलकर, पिछले 20 वर्षों से दैनिक वेतन पर चपरासी के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि माता जी कपड़े धोने व सिलाई का कार्य कर परिवार की आजीविका में योगदान देती हैं। सागर परिवार के इकलौते पुत्र हैं।
उल्लेखनीय है कि बोरियाकला जैसे बड़े गांव से CISF में चयन पाने वाले सागर दूसरे युवक हैं, जिससे पूरे गांव में हर्ष और गर्व का माहौल है।
सागर निर्मलकर का कहना है कि यह सफलता उनके माता-पिता के त्याग, आशीर्वाद और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज उनके पिता का सीना गर्व से ऊंचा हुआ है, यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।