चित्रोपला फ़िल्म सिटी के भूमिपूजन में छॉलीवुड की उपेक्षा!

पोस्टर–कटआउट से गायब रहे छत्तीसगढ़ी कलाकार, सतीश जैन–मनोज वर्मा को मंच से किया इग्नोर

चित्रोपला फ़िल्म सिटी के भूमिपूजन में छॉलीवुड की उपेक्षा!

रायपुर | माना–तूता
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना–तूता क्षेत्र में प्रस्तावित चित्रोपला फ़िल्म सिटी के भूमिपूजन कार्यक्रम ने शुरुआत से पहले ही विवाद खड़ा कर दिया है। जिस आयोजन को छत्तीसगढ़ी सिनेमा (छॉलीवुड) के लिए ऐतिहासिक बताया जा रहा था, उसी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी कलाकारों और फिल्म जगत के दिग्गजों की घोर उपेक्षा सामने आई।
भूमिपूजन स्थल पर लगाए गए पोस्टर और कटआउट में एक भी छत्तीसगढ़ी कलाकार की तस्वीर नहीं दिखी, जिससे स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में भारी नाराज़गी देखी गई। यह सवाल उठ रहा है कि जिस फ़िल्म सिटी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देना है, उसमें छॉलीवुड की पहचान को ही क्यों नज़रअंदाज़ किया गया?
छॉलीवुड के स्तंभों को मंच से भी नहीं मिली जगह
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि छॉलीवुड के प्रसिद्ध और वरिष्ठ निर्देशक सतीश जैन तथा लोकप्रिय अभिनेता–निर्देशक मनोज वर्मा जैसे नामचीन कलाकार कार्यक्रम में मौजूद होने के बावजूद मंच पर बुलाना भी उचित नहीं समझा गया। सूत्रों के अनुसार, दोनों कलाकारों को पूरी तरह से इग्नोर किया गया, जिसे छॉलीवुड जगत ने अपमानजनक करार दिया है।
स्थानीय कलाकारों में रोष
कार्यक्रम के बाद कई छत्तीसगढ़ी कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म प्रेमियों ने सोशल मीडिया और निजी बातचीत में नाराज़गी जाहिर की। उनका कहना है कि
“बाहरी चेहरों के दम पर छत्तीसगढ़ की फ़िल्म सिटी खड़ी करने की कोशिश, छॉलीवुड की आत्मा के साथ अन्याय है।”
अब उठ रहे हैं ये सवाल
क्या छत्तीसगढ़ी फ़िल्म सिटी सिर्फ नाम की होगी?
क्या छॉलीवुड के निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों को जानबूझकर हाशिये पर रखा जा रहा है?
क्या भविष्य में भी स्थानीय कलाकारों की अनदेखी होती रहेगी?
चित्रोपला फ़िल्म सिटी को लेकर सरकार और आयोजकों की मंशा पर अब सवाल उठने लगे हैं। अगर छॉलीवुड के कर्णधारों को ही सम्मान नहीं मिलेगा, तो छत्तीसगढ़ी सिनेमा कैसे आगे बढ़ेगा?