काव्य पाठ, 11 विद्यार्थियों ने किया स्वरचित कविता का पाठ । "कविता की पाठशाला" का शुभारंभ
राष्ट्रीय हिंदी दिवस के पूर्व विश्व दिग्विजय दिवस के अवसर पर गांधी इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, आरंग में विद्यार्थियों के लिए विशेष काव्य पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय हिंदी दिवस के पूर्व विश्व दिग्विजय दिवस के अवसर पर गांधी इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, आरंग में विद्यार्थियों के लिए विशेष काव्य पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा, साहित्य एवं सृजनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि और सम्मान विकसित करना था।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी स्वरचित कविताओं का प्रभावशाली पाठ किया। कक्षा 12वीं की छात्रा कनिका वर्मा ने महाभारत के अर्जुन-कृष्ण संवाद पर आधारित कविता प्रस्तुत कर काव्य पाठ का शुभारंभ किया। इसके बाद कक्षा 11वीं की छात्रा रिदा फातिमा ने माता-पिता के प्रति भावनाओं को अभिव्यक्त करती मार्मिक कविता प्रस्तुत की। इसी क्रम में कान्हा अग्रवाल कक्षा 12वीं , रितेश पाल कक्षा 11वीं, चहक कक्षा 11वीं, भावेश साहू कक्षा 10 वीं , हर्षिता सिंह कक्षा 11वीं, नितिज्ञ शर्मा कक्षा 11वीं , भूमिका कुर्रे कक्षा 11वीं , चंचल यादव कक्षा 9वीं एवं प्रज्ञा साहू 9वीं ने अपनी-अपनी स्वरचित कविताओं पाठ किया।

विद्यार्थियों की रचनात्मकता और भावपूर्ण प्रस्तुति को शिक्षकों एवं सहपाठियों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के दौरान विश्व दिग्विजय दिवस का भी स्मरण किया गया। यह वही ऐतिहासिक दिवस है, जब स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो की विश्व धर्म महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना ऐतिहासिक संबोधन दिया था। विद्यार्थियों को उनके विचारों, भारतीय संस्कृति और विश्व पटल पर भारत की गौरवपूर्ण उपस्थिति से परिचित कराया गया।

संस्थापक पं. दीनानाथ जी की स्मृति में नई पहल
कार्यक्रम को विद्यालय के संस्थापक पं. दीनानाथ जी की स्मृति को समर्पित किया गया। वे हिंदी एवं संस्कृत के प्रसिद्ध कवि एवं साहित्य प्रेमी थे। उनकी साहित्यिक विरासत और विद्यार्थियों में दिखाई दे रही रचनात्मक प्रतिभा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस अवसर पर “कविता की पाठशाला” का शुभारंभ किया गया।
“कविता की पाठशाला” के अंतर्गत विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ आरंग क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के बाल कवियों को भी कविता रचना, साहित्यिक सृजन एवं साहित्य लेखन का मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की कल्पनाशक्ति, लेखन क्षमता और साहित्य के प्रति रुचि को विकसित करना है। यह पहल आरंग क्षेत्र में बाल साहित्य और रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अभिनव प्रयास के रूप में शुरू की गई है।
कार्यक्रम में विद्यालय के डायरेक्टर, प्राचार्य श्री हरेश कुमार दास, प्रधान पाठक श्री उमर खान, हिंदी शिक्षिकाएं श्रीमती सावित्री चंद्राकर एवं श्रीमती सुकांती अग्रवाल तथा श्री अजीत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संपूर्ण संयोजन एवं संचालन शिक्षक श्री गुलाब ठाकुर ने किया।
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