जिन पितरों को स्मरण करने वाला कोई नहीं, उनके लिए राजिम संगम में किया श्राद्ध-तर्पण

वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को साकार करते हुए स्वामी विवेकानंद विचार मंच ने राजिम के त्रिवेणी संगम तट पर सामूहिक श्राद्ध एवं पितृ तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया।

जिन पितरों को स्मरण करने वाला कोई नहीं, उनके लिए राजिम संगम में किया श्राद्ध-तर्पण
स्वामी विवेकानंद विचार मंच की पहल; धर्मांतरित हो चुके लोगों के पितरों का भी तर्पण, 2021 से लगातार हो रहा आयोजन

राजिम।  ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को साकार करते हुए स्वामी विवेकानंद विचार मंच ने राजिम के त्रिवेणी संगम तट पर सामूहिक श्राद्ध एवं पितृ तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें ऐसे अज्ञात पितरों का तर्पण किया गया, जिनका स्मरण और श्राद्ध करने वाला कोई नहीं है। साथ ही हिंदू धर्म का त्याग कर धर्मांतरित हो चुके लोगों के पितरों का भी विधि-विधान से श्राद्ध-तर्पण किया गया।

मंच की ओर से यह आयोजन वर्ष *2021 से लगातार किया जा रहा है। इस बार कार्यक्रम का छठवां वर्ष रहा।* आयोजन में मंच के सदस्यों के साथ रायपुर, गरियाबंद और धमतरी जिले से भी सहयोगी शामिल हुए।

### *मंच का उद्देश्य- कोई पितर स्मरण से वंचित न रहे*

मंच के सदस्यों ने बताया कि भारतीय संस्कृति में पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा रही है। इसी भावना से उन पितरों को भी स्मरण किया जाता है, जिनके लिए किसी कारण से कोई श्राद्ध या तर्पण नहीं कर रहा। आयोजन के माध्यम से समाज को *‘वसुधैव कुटुंबकम्’ यानी पूरा विश्व एक परिवार है* का संदेश भी दिया गया।

त्रिवेणी संगम तट पर विधिवत पूजन और तर्पण के बाद पितरों की सद्गति और शांति की कामना की गई। इसके बाद प्रसादी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का समापन *‘जय श्री सीताराम’* के जयघोष के साथ किया गया।