बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कागदेही में लिया हालात का जायजा

आरंग विधानसभा क्षेत्र में लगातार बारिश और महानदी समेत नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी तेज हो गई है।

बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कागदेही में लिया हालात का जायजा
समोदा के समीप प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों से की मुलाकात, अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश

आरंग। आरंग विधानसभा क्षेत्र में लगातार बारिश और महानदी समेत नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी तेज हो गई है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री एवं आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने शनिवार को नगर पंचायत समोदा के समीप ग्राम कागदेही पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराने को कहा।

‘संकट की घड़ी में हर परिवार के साथ खड़ा हूं’

ग्रामीणों से संवाद के दौरान गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बारिश और बाढ़ की इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में शासन-प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। नदी, नाले, तालाब तथा जलभराव वाले स्थानों के आसपास जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी या आवश्यकता होने पर तत्काल सूचना दें। उन्होंने कहा, “मैं आपका विधायक ही नहीं, आपका सेवक हूं। आपकी सेवा और सहायता के लिए सदैव तत्पर हूं।”

मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व जनता के सुख-दुख में उसके साथ खड़ा होना है। बाढ़ और बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों में आरंग विधानसभा क्षेत्र का कोई भी परिवार स्वयं को अकेला न समझे। प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी कहा कि प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखें तथा जहां भी आवश्यकता हो, वहां बिना विलंब राहत एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएं।